सभी महानरेगा कार्मिकों से अनुरूध है कि वो अपना ईमेल पता निचे दिये गये बॉक्‍स में Subscribe करे जिससे महानरेगा की ताजा खबर आप तक Email से पहुच सकें.......Thanks नोट Active करने के लिए अपने ईमेल उकाउन्‍ट में जाकर Nrega News Subscribe mail link पर किल्‍क करें

Enter your Email Address & recived free new's "Just Enter E-mail"

कनिष्ठ लिपिक भर्ती के फार्मूले पर बनी सहमति


जयपुर.पंचायतीराज विभाग में होने वाली कनिष्ठ लिपिकों की भर्ती को लेकर मुख्य सचिव सीके मैथ्यू की अध्यक्षता वाली बैठक में 100 प्रतिशत को 70 प्रतिशत मानने के फार्मूले पर सहमति बन गई है। भर्ती प्रक्रिया एक माह में पूरी होने की संभावना है। कनिष्ठ लिपिकों के 19,515 पदों की भर्ती के लिए मंत्रिमंडल से मंजूरी मिल चुकी है। अन्य पदों सहित कुल 25 हजार पदों पर भर्ती प्रस्तावित है। 
 
मैथ्यू ने बताया कि पंचायतीराज और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के साथ मंगलवार को हुई बैठक में भर्ती की तैयारियों के बारे में फीडबैक लिया गया। मंत्रिमंडल की मंजूरी के अनुसार नियम बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 100 प्रतिशत को 70 प्रतिशत मानने का नियम भी इसी आधार पर तय किया जाएगा। 
 
संविदाकर्मियों को बोनस अंक के बारे में पहले ही तय हो चुका है। सरकार की ओर से नियम बनाकर आदेश जल्दी जारी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि विज्ञापन जारी करने की प्रक्रिया के लिए समय मांगा गया है। इसे एक माह में ही कर लेने का भरोसा दिलाया गया है। 
 
विधि विभाग ने 100 को 70 प्रतिशत मानने के फार्मूले पर राय देने से मना करते हुए फाइल लौटा दी थी। इसमें पंचायतीराज विभाग को खुद के स्तर पर फार्मूले का निर्धारण करने की सलाह दी थी। पंचायतीराज की आयुक्त एवं सचिव अपर्णा अरोड़ा का कहना है कि उच्च स्तर से अनुमति लेकर फार्मूले का आदेश जारी किया जाएगा।

Posted in Labels: | 0 comments

**Thursday_NREGA NEW's

अफसर, दलाल और जांच कमेटी- चोर-चोर मौसेरे.. !

झारखंड में नरेगा : भ्रष्टाचार की परतें उधेडती रिपोर्ट
नरेगा में अफसरों-बाबुओं के भ्रष्टाचार के किस्से एक-एक कर उजागर हो रहे हैं। जाली मस्टररोल बनता है। शिकायत मिलने पर एसडीओ के नेतृत्व में उच्चस्तरीय कमिटी जांच करती है। लेकिन, नतीजा?.. वही, चोर-चोर मौसेरे भाई! जांच कमिटी ने भी मजदूरों को ही धोखेबाज, मुफ्तखोर करार दिया।

मामला, कोडरमा जिला के मसमोहना ग्राम पंचायत में नरेगा के तहत पौने पांच लाख के तालाब निर्माण का है। एक जनसुनवाई के दौरान उस निर्माण में भारी अनियमितता की शिकायतें आयी। जिला प्रशासन ने एसडीओ, बीडीओ और जीपीआरओ को जांच का जिम्मा सौंपा। 27 जून को जांच के बाद एसडीओ ने रिपोर्ट में यह तो स्वीकारा कि तालाब का निर्माण दलाल की मदद लेकर जेसीबी खुदायी मशीन से करवाया गया। यही नहीं, पत्थरों को खोदने के लिये स्थानीय मजदूरों की बजाय दूसरे जिलों से लोग बुलाये जाने की बात भी स्वीकारी। जाहिर है, यह दोनों प्रक्रिया नरेगा नियमों का घोर उल्लंघन है। लेकिन, रिपोर्ट में इस अनियमितता से पल्ला झाडते हुए तर्क दे दिया गया कि स्थानीय मजदूरों ने काम करने से मना कर दिया था।

तब, वह मस्टररोल स्थानीय मजदूरों के नाम पर कैसे तैयार हो गये? इसके जवाब में एसडीओ ने फर्जी मस्टररोल के पीछे गरीब मजदूरों को ही दोषी करार दिया है। उनके अनुसार मशीनों से काम लेने और बाहर से मजदूर बुलाने के पीछे भी स्थानीय मजदूरों की ही सहमति थी। एवज में उन्होंने बिना मजदूरी किये दो-दो सौ रूपए भी वसूल लिये। एसडीओ साहब, बतौर सबूत, जांच दल के सामने मजदूरों की स्वीकारोक्ति वाले एक दस्तावेज का हवाला भी देते हैं। उनके अनुसार, अंगूठे के निशान और हस्ताक्षर लेने से पहले उस दस्तावेज का मजमून मजदूरों को सुना दिया गया था। यानी, गरीब मजदूरों ने किया सामूहिक फर्जीवाडा?..!!

चौंकाने वाली इस रिपोर्ट की सच्चाई जानने के लिये ज्यां द्रेज की नरेगा सर्वे टीम ने जब मसमोहना गांव का दौरा किया तो गांववालों ने सरकारी जांच दल के दावों की हवा निकाल दी। सर्वे टीम सदस्य प्रवीण और वैलेंटिना के अनुसार अपढ मजदूर-मजदूरनियों ने सरकारी जांच दल ने किसी दस्तावेज पर उनके निशान लिये जाने की बात तो कही, लेकिन पढकर सुनाये जाने की बात को सिरे से खारिज कर दिया। मशीन से काम लिये जाने के पीछे दो दलालों वासुदेव महतो, वीरेंद्र यादव और सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत की बात भी गांववालों ने बतायी। दो-दो सौ रूपए तो दूर, चंद रोज का जो काम मिला था, उसकी भी मजदूरी नहीं मिली। उसपर से सामूहिक फर्जीवाडे का आरोप! वैसे भी, बेचारे मजदूरों की क्या हैसियत है, अफसरों-बाबुओं-दलालों की भ्रष्‍ट तिकडी पर जब विख्यात अर्थशास्त्री और नरेगा के आर्किटेक्‍ट ज्यां द्रेज ने उंगली उठायी तो उन्हें भी कठघडे में खडा कर दिया गया, झारखंड में। (साभार : हिन्‍दुस्‍तान, रांची.

Posted in Labels: | 0 comments

**Thursday_NREGA NEW's

अभी नरेगा में शारीरिक श्रम के ही काम हो रहे है: सीपी जोशी

नई दिल्ली। राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में कुशल मजदूरों को भी जो़डा जाएगा। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री डा. सीपी जोशी ने मंगलवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों के उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2008-09 में 15 करोड लोग नरेगा के तहत काम करने के हकदार थे पर केवल 14 प्रतिशत लोगों ने ही काम किया। उन्होंने कहा कि अभी नरेगा में शारीरिक श्रम के ही काम हो रहे है, इसलिए बाकी लोग यह काम नही करना चाहते। उन्होंने कहा कि यह देखते हुए सरकार नरेगा के तहत कुशल मजदूरों का भी इस्तेमाल करना चाहती है ताकि अधिक लोगों को काम मिल सके। हम इसके लिए अध्ययन कर रहे है। उन्होंने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में बताया कि नरेगा के तहत न्यूनतम दिहाडी प्रति दिन 100 रूपए करने के बारे में निर्णय ले लिया गया है और इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि नरेगा के क्रियान्वयन को कारगर बनाने के लिए समय-समय पर राज्य सरकारों को निर्देश दिए जा रहे है। उनसे कहा जा रहा है कि वे ग़डब़डयों को दूर करने की प्रणाली विकसित करे। उन्हें लोकपाल नियुक्त करने के बारे में भी कहा जा रहा है। इसके अलावा पंचायतों को भी ज्यादा सक्रिय बनाने के लिए कहा गया है।

Posted in Labels: | 0 comments

**Thursday_NREGA NEW's

'नरेगा' डाटा फीडिंग में पिछडे

28 अप्रैल 2010,

पाली। 'नरेगा' में श्रम, सामग्री, रोजगार हासिल करने वाले परिवारों की संख्या तथा सृजित मानव दिवस से सम्बन्धित फरवरी तक की पूरी सूचना अभी तक किसी भी जिले में ऑन लाइन नहीं हो पाई है। ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग ने इन चारों प्रारूपों में फरवरी तक का डाटा मार्च के अंत तक हर हाल में फीड करने के निर्देश दिए थे। फिर भी पूरे प्रदेश में अभी तक कम्प्यूटर में औसत 75.13 फीसदी डाटा ही फीड हो पाया है।

इनका प्रतिशत राज्य औसत से कम : प्रदेश में पन्द्रह जिले ऎसे हैं जिनमें इन चारों प्रारूपों में डाटा फीडिंग का कार्य राज्य औसत से भी कम हुआ। मार्च के अंत तक सवाई माधोपुर में 58.76 तथा अजमेर में 58.46 फीसदी डाटा की ही एंट्री हो पाई है। तेरह जिलों में तो इससे भी कम एंट्री हुई। इनमें जोधपुर, बूंदी, जयपुर, पाली, भीलवाडा, बाडमेर, बारां, अलवर, बीकानेर, चित्तौडगढ, टोंक, झालावाड व चूरू जिला शामिल है।

रिक्त पदों के कारण मंथर गति : पंचायत समिति स्तर पर ब्लॉक एमआईएस मैनेजर, डाटा एन्ट्री ऑपरेटर, ऑपरेटर मय कम्प्यूटर एवं ग्राम पंचायत स्तर पर ऑपरेटर मय कम्प्यूटर के कई पद रिक्त होने के कारण डाटा फीडिंग का कार्य गति नहीं पकड पा रहा है। कई पंचायत मुख्यालयों पर इंटरनेट कनेक्टिविटी या बिजली की सुविधा नहीं होना भी पिछडने का एक कारण रहा। हालांकि, ऎसी पंचायतों के कम्प्यूटर ऑपरेटरों को ऎसी सुविधा वाली पंचायत अथवा पंचायत समिति जाकर इस कार्य को निपटाने के स्थाई आदेश दिए हुए हैं।


Posted in Labels: | 0 comments

**Thursday_NREGA NEW's


NREGA NEW's Day-20

Posted in Labels: | 0 comments

**Thursday_NREGA NEW's


Day-17

Posted in Labels: | 0 comments

**Thursday_NREGA NEW's

प्रिय साथियों,
मुझे यह जानकर और देखकर अति प्रसन्‍नता हो रही है कि जिस प्रकार सरकार नरेगा कर्मियों के भविष्‍य और उनकी मेहनत के साथ खिलवाड करने की जुगत में लगी हुई है वही नरेगा कार्मिको की एकता पूरजोर विरोध के साथ सरकार की नीतियों का दमन करने के लिये आतुरू हो उठी है। जहां तक देखने में आया है नरेगा कार्मिको के बीच अपनी मांगो को लेकर जिस प्रकार सभी कर्मियों ने जिलेवार बढते हुये अपनी एकता का परिचय दिया है वहीं यही एकता अपनी मांग रूपी सुगबुगाहट से भरा आन्‍दोलनात्‍मक धुआं अब एक विकराल आग का रूप लेती नजर आ रही है । भाईयों मुझे यह जानकर बडा गर्व महसूस हो रहा है कि आज सम्‍पूर्ण राजस्‍थान में नरेगा कार्मिक एकता के स्‍वरूप में आ चुके है जिससे हम अवश्‍य अपनी मांगो को सरकार तक पहुंचाकर उस पर सफलता अर्जित करेगें। साथियों मैं आपको एक बार फिर बताना चाहूंगा कि सरकार बार बार नये नये नियम व आदेश निकालकर नरेगा कार्मिको की एकता को खण्डित करना चा‍हती है वह हर जिले में कोई ना कोई आये दिन नये आदेश भेजती रहती है जिससे नरेगा कार्मिको को भ्रमित कर उनका ध्‍यान हडताल या किसी मांगो से हटा सके। आज हर जिले में नरेगा कार्मिक अपनी मांगो पर जिस तरिके से अडा हुआ है वही एकता एक दिन ऐसा रंग दिखलायेगी की सरकार को भी मानना पडेगा की जिस प्रकार नरेगा का कभी भी संन्धि विच्‍छेद नही किया जा सकता है या उसी प्रकार नरेगा में कार्य करने वाले कार्मिको को अलग अलग नही किया जा सकता। भाईयों मैं बस एक बात जानता हूं कि 'एक सबके लिये है और सब एक के लिये है' क्‍यों कि यह बात दिगर है कि जब संघ में एक व्‍यक्ति के उपर विपदा आती है तो समझो वह विपदा सबके उपर है और सबके उपर विपदा आने का मतलब है कि एक जना सबके लिये तैयार रहे और सब एक जने के लिये तैयार रहे। अत भाईयों में आपको यही बताना चाहता हूं कि हम जितनी जल्‍दी हमारे आस पास के परिक्षैत्र के नरेगा कार्मिको से अपनी मांगो और लक्ष्‍यों के बारे में चर्चा करेगें उतनी जल्‍दी ही हम अपनी मांगो पर सफलता अर्जित कर पायेंगें। क्‍यों कि जब तक हम अपने ही भाई बंधुओं से सम्‍पर्क में नही आयेगे तब तक एक दुसरे से जुडकर हम एक नही हो सकते। अत हमे एक दिन और एक ही समय ऐसा चुनना होगा जिस दिन पूरे राजस्‍थान में नरेगा कार्मिको द्वारा नरेगा कार्यालय को बंद कर सरकार की दोषपूर्ण नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन कर अपनी मांगो को उन तक पहुंचा सके। यह बात दिगर है कि हर जिले से धरना एवं प्रदर्शन की सूचना एक ही माध्‍यम से सरकार तक पहुंच सकती है और वह है -मिडीया- क्‍यों कि जब पूरे राजस्‍थान में नरेगा कार्य बंद रहेगा और गांवो में जब श्रमिको की हाहाकार मचेगी और तब श्रमिक ही हमारी मांगो को सरकार तक पहुंचाने में हमारा समर्थन करेगी और सरकार को तब मजबूरन हमारी मांगो को मानना पडेगा। क्‍यों नरेगा योजना एक सरकार की ऐसी योजना है जिसमें वह कार्मिको का शोषण होते तो देख सकती है मगर श्रमिको का नही।

अजमेर जिले से नरेगा संवाददाता
यशवर्धन यादव
केकडी, जिला अजमेर

Posted in Labels: | 0 comments

**Thursday_NREGA NEW's


Posted in Labels: | 0 comments

Subscribe Now:-

NREGA, MGNREGA, NREGA NEWS, NREGA, NREGA nrega, nrega rajasthan, nrega india, nrega rajasthan circulars, nrega india circulars, nrega rajasthan recruitment 2010, nregarecruitment, nrega vacancies, nrega rajasthan vacancies, nrega jobs, nrega news, nrega news in hindi, nrega hindi, nrega employees, nrega employees, nrega employment scheme, nrega employees salary, nrega employees association, nrega union rajasthan, nrega karmchari, NREGA labour association, nrega news rajasthan, nrega policy, nrega karmchari sangh, nrega information,mgnrega, mgnrega rajasthan, mgnrega india, mgnrega rajasthan circulars, mgnrega india circulars, mgnrega rajasthan recruitment 2010, mgnrega recruitment, mgnrega vacancies, mgnrega rajasthan vacancies, mgnrega jobs, mgnrega news, mgnrega news in hindi, mgnrega hindi, mgnrega employees, mgnrega employees, mgnrega employment scheme, mgnrega employees salary, mgnrega employees association, mgnrega union rajasthan, mgnrega karmchari, MGNREGA labour association, mgnrega news rajasthan, mgnrega policy, mgnrega karmchari sangh, mgnrega information