MGNREGA- महानरेगा श्रमिकों को अब सवैतनिक अवकाश नहीं
Posted On at by NREGA RAJASTHANसाप्ताहिक अवकाश का नहीं मिलेगा वेतन
जयपुर। महानरेगा श्रमिकों को छह दिन कार्य करने पर एक दिन का अवकाश तो दिया जाएगा लेकिन वह सवैतनिक नहीं होगा। जिले में महानरेगा श्रमिकों को गुरुवार को साप्ताहिक अवकाश दिया जाता है। कुछ जगह श्रमिकों को अवकाश सवैतनिक कर गुरुवार के दिन की मजदूरी का भुगतान भी किया जा रहा है।
पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास विभाग की ऑडिट जांच में नरेगा के अवकाश का भी वेतन देने का खुलासा हुआ है। इस पर विभाग ने आपत्ति करते हुए जिला परिषद को पत्र लिखा है। जिसमें कहा गया है कि महानरेगा श्रमिकों को सवैतनिक अवकाश नहीं दिया जाएगा। छह दिन कार्य करने पर एक दिन का अवकाश अनिवार्य रूप से दिया जाएगा लेकिन उस दिन की मजदूरी का भुगतान नहीं किया जाएगा। इससे नरेगा श्रमिकों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा।
मजदूरों को नुकसान व सरकार को फायदा: साप्ताहिक छुट्टी का वेतन नहीं मिलने से श्रमिकों को हर महीने 500 से 800 रुपए का नुकसान होगा। वहीं लाखों श्रमिकों को भुगतान करने वाली सरकार को इससे करोड़ों रुपए का फायदा होगा। लेकिन मजदूरों ने पंचायतीराज व ग्रामीण विकास विभाग के इस फैसला का विरोध किया है।
10 से कलमबंद आंदोलन
Posted On at by NREGA RAJASTHANसरकार ने ध्यान नहीं दिया तो 10 से कलमबंद आंदोलन
भास्कर न्यूजत्नझुंझुनूंसभा में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में कार्यरत नरेगा संविदाकर्मचारी वर्ष 2006-07 से सेवाएं दे रहे हैं। इन कर्मचारियों का चयन सक्षम प्राधिकारियों द्वारा पूर्णतया आरक्षण नियमों, आयु, शैक्षणिक योग्यता के आधार पर मैरिट से किया गया था। इन्हें समय-समय पर आरएससीआईटी, आरकेसीएल से कंप्यूटर प्रशिक्षण भी दिया गया है। उन्होंने लंबे अनुभव, योग्यता एवं प्रशिक्षण के आधार पर इन कार्मिकों का नियमितिकरण किए जाने की मांग की। इसके अलावा एक अप्रेल 2011 से नियमित वेतन शृंखला लागू होने तक पारिश्रमिक छठे वेतनमान के आधार पर गणना कर अंतर राशि का भुगतान किया जाए। अधिकारियों की दखल व द्वेषतापूर्ण कार्यवाही के चलते सेवाएं नहीं समाप्त नहीं करने, तकनीकी खामियों को संविदाकर्मियों के सिर नहीं मढऩे आदि मांगें करते हुए राज्य या जिला स्तर पर कमेटी गठित शिकायतों की जांच कराने के बाद ही दोषी मानने की बात कही। बिना जांच के अब तक हटाए गए संविदाकर्मचारी की सेवाएं फिर से बहाल करने की मांग भी वक्ताओं ने की। गांधी चौक से रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे नरेगा संविदाकर्मियों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी जायज मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो संपूर्ण राजस्थान के संविदाकर्मचारी 10 जनवरी से प्रदेश स्तर पर महानरेगा कार्यों का बहिष्कार करते हुए अनिश्चितकालीन कलमबंद आंदोलन करेंगे। इस अवधि में वे काली पट्टी बांधकर काम करेंगे।
चूरू। आठ सूत्री मांगों को लेकर गत एक सप्ताह से संघर्षरत महानरेगा कार्मिकों की हड़ताल मंगलवार देर शाम समाप्त हो गई। तहसील अध्यक्ष राकेश मोटसरा ने बताया कि मांगें माने जाने के संबंध में मुख्यमंत्री का आश्वासन मिलने के बाद हड़ताल समाप्त करने का निर्णय किया गया है।
रतनगढ़। महात्मा गांधी नरेगा योजना के संविदा कार्मिकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त हो गई है। बुधवार से सभी कर्मचारी काम पर लौट आए। कार्मिक यूनियन के शाखा अध्यक्ष विनोद मंडार ने बताया कि सरकार ने प्रदेश स्तरीय वार्ता के बाद मंगलवार शाम मांगें मान ली। नरेगा कर्मचारी यूनियन के मीडिया प्रभारी मनोज चारण ने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ हुई वार्ता में उन्होंने कर्मचारियों को स्थायी करने की सिफारिश योजना आयोग को भेज दी है।
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The Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act (MGNREGA)
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