सभी महानरेगा कार्मिकों से अनुरूध है कि वो अपना ईमेल पता निचे दिये गये बॉक्‍स में Subscribe करे जिससे महानरेगा की ताजा खबर आप तक Email से पहुच सकें.......Thanks नोट Active करने के लिए अपने ईमेल उकाउन्‍ट में जाकर Nrega News Subscribe mail link पर किल्‍क करें

Enter your Email Address & recived free new's "Just Enter E-mail"

ग्रेवल सड़कों की जांच होगी

Visit for-
All Government Jobs India News (Daily New)
Website about all sarkari and Government jobs in Central/State Government

www.job2site.co.cc


जोधपुर. नरेगा के तहत पिछले दो साल में बनी सभी ग्रेवल सड़कों की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग ने नरेगा, डीआरडीए व भूसंरक्षण के अभियंताओं को इन सड़कों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। अभियंता मौके पर जाकर सड़कों की मोटाई चैक करेंगे।

सरकार ने गुणवत्ता की यह रिपोर्ट 20 जून तक भेजने के निर्देश दिए हैं। नरेगा में पिछले दो साल में ज्यादातर कच्चे काम के रूप में ग्रेवल सड़कों का निर्माण हुआ है। यह काम पीडब्ल्यूडी व पंचायत दोनों ने करवाया था। नाडी की खुदाई से ग्रेवल निकाल कर बिछाने तक का काम श्रम मद में ही हुआ है।

ग्रेवल सड़कों के निर्माण में शिकायतें आ रही थीं, इसलिए ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग सभी जिलों में 30 सितंबर 2010 से पहले बनी ग्रेवल सड़कों की गुणवत्ता चैक करने के निर्देश दिए हैं। जिला परिषद के सीईओ व नरेगा एडीपीसी को दिए निर्देश में कहा गया कि नरेगा, डीआरडीए व भूसंरक्षण विभाग के एक्सईएन जिले की कोई भी दो ग्रेवल सड़कों की जांच करेंगे तथा एईएन पंचायत समितियों की सड़कों को चैक करेंगे।

250 मीटर तक खुदाई करनी होगी: एक्सईएन व एईएन दो-दो ग्रेवल सड़कों की जांच करेंगे। गुणवत्ता की जांच के लिए 250 मीटर लंबाई तक सड़क की खुदाई करवा कर ग्रेवल सड़क की मोटाई देखेंगे। तैयार ग्रेवल सड़क की मोटाई लगभग 6 इंच होनी चाहिए, इससे कम मोटाई वाली ग्रेवल सड़क का काम निम्न स्तर का माना जाता है।

पहले भी करवाई थी जांच: सरकार ने करीब एक साल पहले सभी ग्रेवल सड़कों की गुणवत्ता चैक कराई थी। पिछली सरकार में घटिया ग्रेवल सड़कें बनाने की शिकायतें ज्यादा थीं। उस पर ऑडिट पैरा भी बने थे। सरकार ने विभिन्न एजेंसियों के अभियंताओं को इस काम में लगा कर संबंधित जिम्मेदार से वसूली भी की थी।

Posted in Labels: , | 0 comments

फिर हड़ताल पर जाने की तैयारी

हनुमानगढ़ || मानदेय में बढ़ोतरी व स्थाई करने संबंधी अन्य मांगों को लेकर महात्मा गांधी नरेगा संविदा कार्मिक संघ के सदस्य आठ जून से एक बार फिर हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं। संविदा कर्मियों का आरोप है कि फरवरी में आंदोलन के बाद राज्य सरकार ने संघ के साथ हुए समझौते की पालना नहीं की। मानदेय नहीं बढऩे से उनमें रोष है। इसके अलावा नौ जनवरी 2007 के प्रपत्र को निरस्त करने से भी कार्मिक असमंजस में हैं। संविदा कार्मिकों का कहना है कि इस प्रपत्र के निरस्त होने के बाद उन्हें यह भी पता नहीं है कि वे किस प्रपत्र के नियमों के आधार पर काम कर रहे हैं। अपनी शंकाओं और मांगों को लेकर संविदा कार्मिकों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसीईओ को दिया।


Source : bhaskar.com




Visit for-
All Government Jobs India News (Daily New)
Website about all sarkari and Government jobs in Central/State Government
www.job2site.co.cc


अभी कागजी तौर पर ही सफल है मनरेगा

ज्यां द्रेज वरिष्ठ समाजविज्ञानी

मनरेगा को मैं सरकार ही नहीं देश की फ्लैगशिप योजना की तरह लेता हूं.

इस योजना को लेकर सरकार की अगंभीरता अक्सर झलक जाती है. बजट में मनरेगा को लेकर विरोधाभास दिखा. एक तरफ तो इस मद के लिए पिछले वित्त वर्ष से 100 करोड़ रुपए कम तय किए गए और दूसरी ओर सरकार ने यह भी कहा कि 100 दिनों वाली इस रोजगार योजना के तहत वेतन में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के अनुसार बढ़ोतरी की गई है. अब कम आवंटन से बढ़ी हुई जरूरत कैसे पूरी हो सकती है यह समझ से परे है. दरअसल सरकार कई गैर जरूरी मद में राशि बढ़ाने को हमेशा तैयार रहती है जबकि भारत का कायाकल्प करने में सक्षम इस योजना को लेकर पर्याप्त गंभीरता नहीं दिखाती. यह अगंभीरता फंडिंग से लेकर योजना के कार्यान्वयन के तरीकों तक में दिखती है.

मेरा आकलन है कि भारतीय परिप्रेक्ष्य में इस योजना से बेहतर शायद ही कोई योजना हो बल्कि मैं तो मानता हूं कि दुनिया में ही शायद इस जैसी कोई योजना हो. यह अगर ठीक से संचालित हो तो गरीबी मिटाने का महात्मा गांधी का सपना पूरा होने से कोई नहीं रोक सकता. लेकिन योजना का दुखदायी पहलू यह है कि यह कागजी तौर पर तो पूरी तरह सफल है लेकिन वास्तविक तौर पर नहीं. अभी देश के कई जिले ऐसे हैं जहां इस योजना से जुड़ी घोर अनियमितताएं सामने आ रही हैं. खासकर इसमें भ्रष्टाचार का जो इतिहास रहा है उस पर गौर करने की जरूरत है. कई लोग इसे अपनी अर्थव्यवस्था में मजबूती लाने के उपाय की तरह देख रहे हैं लेकिन कई ऐसे भी हैं जिनका प्रयास है कि इसे पूरी तरह पंगु बना दिया जाए. हमने देखा है कि योजना में भ्रष्टाचार को सामने लाने वाले कुछ जुझारू कार्यकर्ताओं की हत्या तक हुई और हत्यारों को पकड़ा भी नहीं जा सका.

मौजूदा बजट में इसके लिए भले ही कम राशि का प्रावधान हो, फिर भी इसके लिए तय राशि ईमानदारी से खर्च की जाए तो हालात बदल सकते हैं. वस्तुत: योजना को और राशि की तो जरूरत है लेकिन इससे कहीं अधिक जरूरी पारदर्शिता के इसके प्रावधानों को लागू करने की है. योजना को सुधारने के लिए सबसे जरूरी एक मजबूत शिकायत निवारण मशीनरी की स्थापना की है. मौजूदा स्थिति में केंद्र और राज्य सरकार इसके जवाबदेही संबंधी प्रावधानों को महत्व नहीं दे रही हैं. योजना बेरोजगारी, गरीबी और भुखमरी से राहत दिलाने में तभी कारगर हो सकती है जब इस पर अमल ठीक से हो और किसी किस्म की लापरवाही पाए जाने पर जुर्माने और दंडित किए जाने जैसी व्यवस्था भी सुनिश्चित हो. अभी केवल गिने-चुने मामलों में ही जुर्माना तय किया गया है जबकि अनियमितता एवं लापरवाही के मामलों का अंबार लगा है.

मजदूरी के भुगतान में विलंब पर मुआवजे का प्रावधान भले हो लेकिन इसका उल्लंघन खुद राज्य सरकारें कर रही हैं. नौकरशाह तो मनरेगा की चाबी अपनी हाथ में रखना चाहते हैं जो इस योजना की मूल मंशा के ही खिलाफ है. योजना में कई सकारात्मक बातें निहित है किंतु इसे भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से बचाए रखना होगा. नौकरशाहों को इससे जितना हो सके, दूर रखना होगा. इस योजना से भ्रष्टाचार को दूर किया सके इसके लिए इसमें सारे प्रावधान हैं. बस इसे ठीक से लागू किया जाना चाहिए. किसी भी किस्म की अनियमितता पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.

कामगारों के जॉब कार्ड और उन्हें मिल रही मजदूरी की समय-समय पर जांच हो. समाज के जिस वर्ग के लिए यह योजना शुरू की गई थी, उसे इसका लाभ मिलना चाहिए. लोगों को अभी योजना की पूरी जानकारी ही नहीं है. वे नहीं जानते कि जॉब कार्ड में नाम कैसे दर्ज कराएं जाएं. तहसीलदार व ग्रामसेवक तक पूरी जानकारी से महरूम हैं. स्थिति बदलनी होगी. आखिर किसी भी अन्य विकास योजना की तरह इसका सबसे बड़ा दुश्मन भ्रष्टाचार ही है, इसे समझना होगा. केंद्र सरकार की जिम्मेदारी केवल योजना के संबंध में घोषणाएं करने की ही नहीं है बल्कि जमीनी तौर पर नियमों का कितना पालन हो रहा है, यह भी देखने की भी है.

source-www.samaylive.com प्रस्तुति: नीरज कुमार तिवारी


Visit for-
All Government Jobs India News (Daily 50 New Job)
Website about all sarkari and Government jobs in Central/State Government
www.job2site.co.cc




MGNREGA, NREGA

Posted in Labels: | 0 comments

नए अनुबंध पर ही नया मानदेय
जोधपुर। महात्मा गांधी नरेगा के संविदा कार्मियों से चले आ रहे गतिरोध के समाप्त होने के बाद राज्य सरकार ने अब नए अनुबंध प्रपत्र भरने की मियाद तय कर दी है। इसके तहत जो संविदाकर्मी 7 दिन के भीतर नए प्रपत्र पर हस्ताक्षर करेंगे, उन्हें ही नए मानदेय का लाभ दिया जाएगा।

गौरतलब है कि गत वित्त वर्ष में सैकड़ों संविदा कर्मियों ने अपनी मांगों के पूरे नहीं होने की सूरत में अनुबंध प्रपत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए और काम करते रहे। लेकिन अब सरकार ने सभी के लिए अनुबंध प्रपत्र भरना अनिवार्य कर दिया है।

अतिरिक्त आयुक्त ईजीएस बद्रीनारायण ने सभी जिला कलक्टर एवं जिला कार्यक्रम समन्वयकों को आदेश जारी कर कहा है कि समझौते के तहत अनुबंध प्रपत्र में जो संशोधन किए गए हैं, उस प्रपत्र को वह 7 दिन में भराने की कार्यवाही करें। इसके बाद ही संविदाकर्मियों को नया मानदेय तथा उस पर 10 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि का लाभ दिया जाए। इसके लिए मनरेगा में संविदा पर श्रजित 15 हजार 546 पदों की निरंतरता 29 फरवरी 2012 तक बढ़ा दी गई है।

असमंजस में संविदाकर्मी
इधर नए अनुबंध पर हस्ताक्षर करने को लेकर संविदा कर्मियों में अभी भी असमंजस है। नरेगा संविदा कार्मिक संघ जिलाध्यक्ष नेमाराम चौधरी का कहना है कि जब तक नियमित नहीं किया जाता, तब तक छठे वेतन का लाभ मिलना चाहिए। नहीं तो अनुबंध प्रपत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए जाएंगे।

Posted in Labels: | 0 comments

NREGA, MGNREGA

NREGA, MGNREGA, NREGA NEWS, NREGA, NREGA nrega, nrega rajasthan, nrega india, nrega rajasthan circulars, nrega india circulars, nrega rajasthan recruitment 2010, nregarecruitment, nrega vacancies, nrega rajasthan vacancies, nrega jobs, nrega news, nrega news in hindi, nrega hindi, nrega employees, nrega employees, nrega employment scheme, nrega employees salary, nrega employees association, nrega union rajasthan, nrega karmchari, NREGA labour association, nrega news rajasthan, nrega policy, nrega karmchari sangh, nrega information,mgnrega, mgnrega rajasthan, mgnrega india, mgnrega rajasthan circulars, mgnrega india circulars, mgnrega rajasthan recruitment 2010, mgnrega recruitment, mgnrega vacancies, mgnrega rajasthan vacancies, mgnrega jobs, mgnrega news, mgnrega news in hindi, mgnrega hindi, mgnrega employees, mgnrega employees, mgnrega employment scheme, mgnrega employees salary, mgnrega employees association, mgnrega union rajasthan, mgnrega karmchari, MGNREGA labour association, mgnrega news rajasthan, mgnrega policy, mgnrega karmchari sangh, mgnrega information

Posted in Labels: , | 0 comments

Subscribe Now:-

NREGA, MGNREGA, NREGA NEWS, NREGA, NREGA nrega, nrega rajasthan, nrega india, nrega rajasthan circulars, nrega india circulars, nrega rajasthan recruitment 2010, nregarecruitment, nrega vacancies, nrega rajasthan vacancies, nrega jobs, nrega news, nrega news in hindi, nrega hindi, nrega employees, nrega employees, nrega employment scheme, nrega employees salary, nrega employees association, nrega union rajasthan, nrega karmchari, NREGA labour association, nrega news rajasthan, nrega policy, nrega karmchari sangh, nrega information,mgnrega, mgnrega rajasthan, mgnrega india, mgnrega rajasthan circulars, mgnrega india circulars, mgnrega rajasthan recruitment 2010, mgnrega recruitment, mgnrega vacancies, mgnrega rajasthan vacancies, mgnrega jobs, mgnrega news, mgnrega news in hindi, mgnrega hindi, mgnrega employees, mgnrega employees, mgnrega employment scheme, mgnrega employees salary, mgnrega employees association, mgnrega union rajasthan, mgnrega karmchari, MGNREGA labour association, mgnrega news rajasthan, mgnrega policy, mgnrega karmchari sangh, mgnrega information